कानपुर/ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन माता केला देवी मंदिर प्रांगण अर्रा कानपुर में श्री वीरेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्री रुद्रेश्वर महाराज जी द्वारा बड़े ही स्पष्ट शब्दों में सुनाई गई। भागवत कथा का आयोजन अर्रा योगेंद्र विहार निवासी सुरेश सिंह तोमर, एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर व मंदिर कमेटी के सहयोग से आयोजित कराई गई। मंदिर प्रांगण में भागवत कथा का आयोजन काफी समय से किया जा रहा है और प्रतिवर्ष भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह मंदिर काफी पुराना है लोगों की मान्यता है कि मंदिर में दर्शन करने से उनकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
आपको बता दें कानपुर अर्रा में स्थित माता केला देवी मंदिर प्रांगण में 5 फरवरी दिन गुरुवार से 12 फरवरी दिन गुरुवार तक भव्य कथा व भंडारे का आयोजन किया गया। साथ में भक्तों की समस्याओं के निदान हेतु वीरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर श्री रुद्रेश्वर महाराज जी द्वारा एक दिव्य दरबार लगाया गया जहां पर जिन भक्तों की अर्जी स्वीकार हुई उनकी समस्याओं का समाधान भी बताया गया।
श्रीमद् भागवत कथा कलश यात्रा 5 फरवरी दिन गुरुवार को निकालकर श्रीमद भागवत कथा का शुभारभ किया गया। 7 दिन चली कथा के माध्यम से श्री रुद्रश्वर महाराज जी द्वारा सनातन को संगठित करने व दरबार से जुड़ने का आवाहन करते हुए पांच नियम बताएं, जिसमें पृथ्वी, माता पिता व गुरुजनों की सेवा, मद्यपान निषेध, भाई से प्रेम, माताओं बहनों की सुरक्षा, इंद्रियों के बस में रखना, इसके साथ ही महिलाओं को सुख समृद्धि हेतू पूर्ण श्रंगार धारण करना, एवं पति के चरणों को जरूर दबाना चाहिए ऐसा करने से पत्नी के हाथों में शुक्र व पति के पैरों में शनि का वास होने के कारण धन व यश की प्राप्ति होगी ऐसा बताया गया है। मंगलवार व शनिवार को वीरेश्वर धाम में निशुल्क दिव्य दरबार लगता है जिसमें किसी भी प्रकार के रोगों, समस्याओं को अर्जी लगाकर समस्याओं का निदान किया जाता है। कथा अमृतपन हेतू नेशनल मीडिया प्रेस क्लब परिवार से राष्ट्रीय अध्यक्ष एम डी शर्मा, मंडल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, मंडल अध्यक्ष एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर (कार्यकारिणी दि लॉयर्स एसोसिएशन कानपुर) मंडल मीडिया प्रभारी सन्तोष कुशवाहा, एडवोकेट प्रशांत मिश्रा, खुलासा कानपुर संपादक संजय शर्मा, जिला मंत्री सौरव वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी शैलू शुक्ला सहित पूरी टीम ने पहुंचकर पीठाधीश्वर श्री रुद्रेश्वर महाराज को अंगवस्त्र पट्टिका पहनाकर माल्यार्पण करते हुए स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा का अमृतपान कर रहे हजारों भक्तों ने रूद्रेश्वर महाराज के मुखारबिंदु से अमृतमई कथा सुनकर अपना जीवन धन्य बनाया।
दिव्या दरबार में जिन भक्तों की अर्जी लगी उन भक्तों द्वारा बताया गया कि वह इससे पूर्व में कभी महाराज जी से नहीं मिले और ना ही उन्होंने किसी को अपनी समस्या बताई उन्होंने केवल अपने मन में अपनी समस्या का विचार करके अर्जी लगाई थी और उनकी अर्जी स्वीकार हुई है और उनकी समस्या जो बताई गई है वह बहुत ही सत्य व सटीक है। महाराज जी द्वारा दिव्य दरबार के माध्यम से सनातन, संस्कृति को बढ़ावा देने का आवाहन किया गया। 11 फरवरी को श्रीमद् भागवत कथा का आखिरी दिन रहा और 12 फरवरी को मंदिर प्रांगण में बड़े विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। आईए जानते हैं कुछ खास व आवश्यक जानकारी वीरेश्वर धाम के पीठ पीठाधीश्वर श्री रुद्रेश्वर महाराज जी के मुखारविंद से हमारे चैनल के माध्यम से।
माता केला देवी मंदिर में चल रही वीरेश्वर धाम कथा का हुआ समापन, दिव्य दरबार के माध्यम से भक्तों को मिला अपनी समस्या का समाधान
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