अजित पवार के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
नई दिल्ली, 28 जनवरी। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम’ देश के ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा और भ्रष्टाचार तथा लीकेज को रोकने में मदद करेगा।
राष्ट्रपति ने बताया कि यह अधिनियम मौजूदा मनरेगा कानून की जगह लाया गया है और इसका लक्ष्य ग्रामीण रोजगार, आजीविका, बुनियादी ढांचे तथा स्थानीय विकास को प्रभावी तरीके से सशक्त बनाना है। अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष कम से कम 125 दिनों का रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी, जो पहले 100 दिनों की तुलना में बढ़ाया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। नई व्यवस्था में मजदूरी का समय पर भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियो-टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे प्रावधान शामिल हैं ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में धोखाधड़ी और अनियमितता कम हो।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि यह अधिनियम किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए नई सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराएगा, जिससे ग्रामीण समुदायों की आमदनी और जीवन-स्तर में सुधार होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि ‘विकसित भारत-2047’ के तहत ग्रामीण भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार बढ़ाना और स्थानीय बुनियादी ढांचे का विकास सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम को लागू करने के बाद गांवों की तस्वीर बदलने और विकास को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।
अजित पवार के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे देश और महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि अजित पवार का असामयिक निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
राष्ट्रपति ने दिवंगत नेता के परिवारजनों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।

